हसि हेरो रमणा मोहे

हसि हेरौ रमणा मोहे।
मोल दाम कौन लगिहै तुम्हु,कौन बातकौ मानहु तौहे।
कछु-दो बताय किस विधिहु रूठै,काहे तानिकै ठाडै भौहे।
रूठै जबसौ मोय कछु-ना भावै,संग-साथ कोउ का नाय सौहे।
एकहु बारि दीजौ हसिकै दिखाय,"प्यारी" बाट दरसहु जोहे।

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