बनावत वेणी लाल अनूप
बनावत वेणी लाल अनूप।
वेणु धरी एक ओरि वेणी ली सम्हारी,सजावत ओरि सजिलो रूप।
तीन पाट केश करी तीन लर डारी , लगावत सुमनि दीन्ही गूथ।
दए बीच खौस दूजै रंग वारै सुमना,घुमावत डारी पयोधर झूल।
आरसी देखि ज्यो दीखै पिय नैन तीखै,फिरावत नैननि प्यारी सरूप।
"प्यारी" लजा लली जु झुका लई नैनन,लजावत ऐसोई जेसोई फूल।
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