चरण कमल पिय प्यारी के प्यारै।
चरण कमल पिय प्यारी के प्यारै।
सहज ना दरसन सुमिरन आवै,जिन आवै उन भए वारै न्यारै।
जप तप साधन कौउ तै ना पावै,किरपा बल इन पावै इन प्यारै।
रसिकन धार सम्हार हिरदै इन,स्वरग बैकुंठ हसिकै तज डारै।
करिकै बिनती"प्यारी"सदा कहवै,सेवा हित हिय रहै इन धारै।
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