करायो गठजोड़

करायौ गठजोड
एक बात कहू अरी सुन री सखी,करायौ गठजोड नंदलाल को संग।
भरू मांग या के नाम कौ,सप्तपदी लउ या कौ संग।
पहिले पग नेम करू, नाय छाडू या कौ हाथ।
करू नेम दूजै पगा,रह्यौ पल छिन या कौ साथ।
तीजै पग नेम धरू,करू चाकरी ही दिन रात।
नेम चौथे पग लेउ,राखू दुख या को निज पास।
नेम लउ पंञ्चम पगा,रहू सुहागिन जबै तक श्वास।
छठा नेम लई लउ,होवै मरणो चरणन पास।
अरू सप्तम नेम जै ही होवै,मिलै जनम जनम या कौ साथ।

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