कृपा

कृपा
कृपामय निरखी कृपा तुम्हार।
दासी कर कितनोई कौ राखै,अबहु हमरी बार।
चले कुमारग बहु समय,अब करिहौ आय सुधार।
बिनु कृपा बिनती नाय होवै,नाय आवै बिनती बिचार।
कृपा ही कृपा निरखू हर ओर,माँगू कृपा मै गोद पसार।
बडै बने मुनि ध्यानी कृपा सौ,मोय लीजौ दासी बनार।
चरणन प्यारी चित्त लगै,ऐसौ किरपा करियौ हमार।

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