रख लीजो चाकर
रख लीजौ चाकर
रख लीजौ चाकर साँवरिया गिरधारी।
चुन चुन कलियाँ हार बनावू,मुकुट बनावू कुसुम कौ।
सौहणी महल चाकरी करिहू,बुहारौ सगरा महल हौ।
झारी जलकौ भरिवै लावू,स्नान करावू साँवरौ।
चौक पुरावू अंगना सजावू,सजावू पुष्पन माल सौ।
नौन राई नजरिया उतारू,लेवू बलैय्या मौरै श्याम रौ।
दासी प्यारी बलिहारी हौ,चित्तचोर सुरतिया प्यारी हौ।
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