सखी सेवा

सखी सैवा
बरनी ना जाय सखी कौ सेबा।
ज्यौ तन युगल प्राण सखी होई,रचे पचे एक दूजै मे जानौ।
होई युगल छबि नैन सखी जानिहै,ज्योति नैनन इन्ही को मानौ।
जीवन युगल ज्यौ जीवनी सखी हौ,बुनिहै दुई एक तानौ बानौ।
प्रेम विकास नीव सखी जानिहै,प्रीत छौर दुई इन बिना नाहि आनौ।
जुगल प्रेम सेवा सखीही होहिहै,मूरत सेबा को सखीही जानौ।
तन मन प्राण जाकै युगल समायै हौ,ऐसैहु सखी जुगल कौ मानौ।
झुकाय शीश प्यारी करै बिनती,कर लेऔ ऐसैहु सखी जु म्हानौ

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