चेत मन मेरे
चेत मन मेरे
चेत मन मेरे अजहु सबेर।
खोवत गमाय ना,लगाय लै टेर।
प्राण प्यारौ नाम,भज जिव्हा सो निकार लै।
जनम जनम हित,जनम सुफल ही जान लै।
बितावै समय काय,खावै सोवत गमाय रै।
छूट्यौ कर समय,पुनि करहु ना आय रै।
अजहि मिले समय,प्यारी प्यारो पिय टेर लै
इनकेई चरणा पै,माथ धरि गेर लै।
झूठै भाई बंधु,काज तबहु ना आयेगै।
अंत समय बिनु,पिय जम लैके धायेगे।
सुफल बनाय जीवन,फंद जनम मरण काट।
प्यारी जग छाडी,पिय प्रेम लिजौ छाट।
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