कीजिये कृपा
किजिए कृपा
किजिए कृपा वृषभानु लली।
औगुन भरीहु तापै दासी हु तिहारी,करत करत बिनती हौ हारी।
ब्याकुल होहिहु बिनु टहल प्यारी,होय अनुभुत नाही तुव न मुरारी।
ऐसौ कैसो चलिहौ श्वास राधे गौरी,बिनु सेबा होय जीवन बिगारी।
करिहो कौर कृपा लाडली ललीजु,आस तौरी किरपाहु कौ हौ तुम्हारी।
जानत हौ गुण नाही औगुण खानहौ,तापै आस तौरी जावै टहल ना तिहारी।
प्यारी अपनाय लेओ स्वामिनी किशोरी,राखो चरणनहु बनाय के चेरी।
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