ओ रे! मन मौर ठौर ओर नाहि जानिए,
ओ रे! मन मौर ठौर ओर नाहि जानिए,
अपनौ तो वास प्यास चरणनि जोरि है।
रसिक श्री श्याम स्वामी स्वामिनी श्री राधिके,
श्री हरिदास हित सखियनि मौरि है।
तज इन कौन कहाँ कहो क्योई जाईए,
इन सम दूजी बात अणु नाहि ओरि है।
बिनु इन अरथ विरथ प्यारी जानिए,
किरपा बिनु इन दासी"प्यारी" कौरि है।
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