श्याम तजी

श्याम तजी

कैसौ भाग मैरौ फूट्यौ,गयौ श्याम तजि देखौ।
बिरहा नाहि मिलनौ नाहि,गयौ सबै ही संगै लगौ।
जब लौ संगै संगै फिरिहै,जानिहौ नाहि मौल लौ।
अमौलकै धन निज जानिहै,कहियौ सुधौ उल्टौ तौ सौ।
हाय! कुमति पापिन भयी,कुलटा कही मौय जग सौ।
प्रिय प्राण बिन तुम्हरै नाहि,निकरै बचिहै प्राण तन लौ।
कैसौ नाहि टेरहु तौहै,श्वास आवतौ नाम लैवतौ।
छाडि सकू नाहि बुलावतौ,तौय आनौ जबहि आवतौ।

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