अद्भुत भजत बधैय्या
अद्भुत बजत बधैय्या ,जु प्रकटै रमणा रसैय्या।
मेघ बरण द्युति दसन रसीलै ,मीन सौ दृग रस मलैय्या।
श्वेत बसन तापै एकई धारे , सम शीश पखा हंस पगैय्या।
पद उपर पद दूसर ठाडै , ठाडै त्रि - बंकै होकै दयैय्या।
मुस्कनि देखि जिय बनि आवै , सिंधु अनगिन बांधे रस हसैय्या।
छबि बखानै जैसों पावै "प्यारी" ,देवै च्हावै जैसौ मोरै छैय्या।
Comments
Post a Comment