असी याद भतेरे करदे सी

अस्सि याद भतेरे करदे सी,तुस्सि नाल नजर पर नइ ओंदै।
बिनु पानिया मछली तडपै जी(मन),तुस्सि कहंदै ना जी नइ रोंदै।
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दस्सौ जी ऐ की गल है-गी,रोना नइ ढोना जिंदडी नू...
जीते जी मरकै जींवा जो,अस्सि पत्थर के तो नइ होंदै।
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जदौ प्यार अस्सि नाल नइ करदे,तदौ कह जावौ मुंह मेरे ते...
वक्ख रहकै बात बढावो ना,अस्सि पाय लाग के है क्हौंदै।
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असा छड़ दी तो चंगी नाल छड़ों,मुंह फेरों तो फिर हैरो ना.....
लुक छुप तो फिकर करो ना जी,"प्यारी" रूलदी जग तो रूल ज्योंदै।
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अस्थि याद......

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