कैसेहु उठायो
कैसेहु उठायौ
जनिहु कैसेहौ उठायौ गोवर्धन।
हमरि लकुटी सहारे हौ श्याम,टेक हमहु लकुटी लगायौ।
कछु बल माखन दीयो तुम्हु कौ,कछु संग हमरो पायौ।
राधिके गौरी नाम बल मिलिहौ,ताई बल सौ अंगुरी उठायौ।
कजरी गैय्या सौ दुधा पीबतौ,छाछ गुजरिया जोई मिली संग चुरायौ।
शीश माई बाबा सोई हित धरिहौ,दाउ को संग सौई है पायौ।
सुनिहै बैन प्यारीहु जानिहै,कैसेहु लालजु गिरिराज उठायौ।
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