प्यारी चुंबक दिठौना प्यारौ

प्यारी चिबुक दिठौना प्यारौ।
कनक कुमुद दल उपरि परयौ,भ्रमर ज्यो सुध हारौ।
बला लेन हित प्यारौ प्रीतम,परयौ बनौ तिल कारौ।
ज्यू रैन अंधेरी सेवा भावतै,शरण लली मुख पाय।
"प्यारी" जनम भरि यौ गावू किरपा,कहि तिलसौ नाहि जाय।

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