सलूनौ दिन

सलूनौ दिन बंधावै रमण राखी।
रंग रंग भाँति रेशम डोरि,बाँधी कलाई सखी अति हर्षाति।
खान पकवानि विभिन्न मिठाई,खिलाई सखी लाड सौ इन चाखी।
देई भेट नेह अधर चूमिकै,वचन दियै सदा संगैई राखै।
बाँधिकै मौलि कहै" प्यारी" रमणा,बन्यौ तुम्ही जन्मनि सब साथी।

Comments

Popular posts from this blog

हरि आए संग

कहा प्राणन

तुव बिन पिया