री मेरो बल तुम ही राधे

री!मेरौ बल तुव ही राधे।
गिरिराज ठायौ नख कनिका की कौर पै,तेरे कर सौ खायौ माखन करौ ठाडै।
गैय्या चरायौ बन-बन फिरौ भौर तै,नू अरी नाम नित टैरू तेरौ मुरली अगाधे।
जई बडै बडै मारै शूरवीर भेजै राज कै,तई नाम पुकारि तेरौ प्राण लयै काढे।
कालि नाग नथ्यौ अरी जमुना मे जाय कै,नील ओढनी जानि बिष लए अंग साधै।
याही सौ कहू प्यारी सरबस मेरौ तूई,तुव रूठ्यौ तउ कौन ठौर परयू जाकै।
बिनती चरणनि करू नऊ धरि शीश ते,"प्यारी सब कछु करौ नाय करौ मान राधे।

Comments

Popular posts from this blog

हरि आए संग

कहा प्राणन

तुव बिन पिया