बिनती पद

बिनती पद
दिनु दिन बाढे अनुराग।
चित्त जात कहा बिनु काज फिरै,झोरे जुगल जोरी को भाग।
बिनु राम कहे नाय तोय सरे,कहै काल्ह काहे न आज।
जानत ह्यै तौ भी मनवा,बचावौ उन ही चरणा लाज।
अबहु समय चित्त जाड याही सौ,कोउ ओर ठोर नाय भावै।
जतन करिय कोउ ऐसो प्यारी,चरण रति या को पावे।

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