कबहुँ आवत
कबहु आवत
कबहु आवत देखि मुरारी।
दिन बड्यौ बीत्यै सुधि न लीन्ही,अब लौ काय हमारी।
पल छिन जानौ कैसे कट्यौ है,काटन है रह्यौ भारी।
रौवन नैन बिसार दी अबहु,सूख्यौ नैन पाणी खारी।
संगीत गीत मोय नाय भावै,भावै नाम भव भय हारी।
आय मिलौ नंद नंदन अब तो,करे बिनती थारी प्यारी।
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