बांध दई युगल
बाँध दई युगल नेह डोरी।
श्रावन पूनौ दिन सखियन मिलिकै,बैठा लई एक करिकै जोरि।
आरती नैन दिए जौत सौ उतारि, कुसुम रूप मुस्कनि दई वारी।
धरी बीरी मुख भेट यौ मांगै , रहोगे संग लाली पान सो-ही।
एक डोरी बाँधिकै जोरि कहै"प्यारी",सेवा हित राखौ संग मोही।
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