बिस्वास

बिस्वास
निरबल के बल राम।
जग ना आस बिस्वास कोउ,जग सो न कोऊ काम।
पतित हम तुम पतित पावन,तुम पतितन कौ भी राम।
लेन देन सबहु आप सो,बसत आप ही धाम।
अधम कुकामी कलुषित हम हौ,आप परम सुखधाम।
इनकेई बल बलशाली होवतो,प्यारी भरोस एक राम।

Comments

Popular posts from this blog

हरि आए संग

कहा प्राणन

तुव बिन पिया