दोउ कुसुम प्यार के प्यारे

दोउ कुसुम प्यार के प्यारै।
रंगमगै रस सौ भरै रसीलै,नाहि रस सौ नेकहु न्यारै।
एक मूल पै बरन कै दोउ,खिले ज्योई कुसुम दुई प्यारै।
भ्रमर कली सौ पीवै पिलावै,रैन दिवस पीवै रस धारै।
जोरि ऐसी बरनी ना जाय,"प्यारी" लिखत आप इन हारै।

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