काहे मिलो मोहे अथाह
काहै मिलौ मौहे अथाह बिछोहै।
ओर छोर नाय पीर मौर कौ , नस-नस रीसै बसै पीर फफोलै।
जैसो तैसो करि प्रेम जानि तौ,खोट जई होए- तौ तुम्हु सिखोहै।
काढि दोष मैरो आवन मुकरि जौ,निज ओरि झाकिकै तबहु बतौहे।
जानू नाय कैसो कहा करि आवौ,जानै इतनोई "प्यारी" मिलनौ होहै।
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