देखूं कदसी
दैख्यू कदसी
दैख्यू कदसी आवत मुरारी।
नैनन कटिले ज्योहौ मीना,रेख काजल जावू बलिहारी।
अलक घूंघर वारी कारी,दिखावौ लटक लटकन प्यारी।
अधर गुलाबै लाल होहै,सजी मुरली अधर मुरारी।
नुपुर छनन छन पगहु,डौले पाहुन बिन गिरधारी।
बैठिहौ आय हियही अबही,बड्यौ दिनन तडपै प्यारी।
Comments
Post a Comment