गमायी नैन निंदिया

गमायी नैन निंदिया
गमायी नैन निंदिया पाछे पिया।
नैन नैन रैन सगरी बितावू,रोवतो हियरा कैसै सम्हारू।
चंद देख्यू ओरि अगन लगिहै,चंद किरण नाय शीतल जानू।
रैन आय हाय मरणै लावै,दिवस तौ जैस्यौ तैस्यौ बितावू।
बिनु दीप बाती सम दासी,ता पै बिरह अगन दीप जरावू।
छूटिहै नाय कौर आस कौ,पुनि पुनि गिरत आप सम्हारू।
अजी गिरधर बेगि प्यारी सुध लैयौ,कबहु प्राण प्राणन पै वारू

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