ब्रजरज महिमा

ब्रजरज महिमा
बडभागिन रेणुहि ब्रज कौ।
बडभागी जा पै नंदलला डौलत,करत किलौल सखा लौ।
बडभागी सोई लता पताही,बडभागी वृक्छ पुष्पन हौ।
बडभागी सोई धेनु पक्छी,डोलत सोई रेणु लौ।
बडभागी कलिंद नंन्दिनी,जा मै बिलसत हौय जौरि हौ।
बडभागी ग्वाल गोप बाला,डौले आछे पाछे नित जोरि सौ।
ऐसेहु बडभागी धाम वास ही,भावै नित प्यारी कौ।

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