पहिचानयो सांवरो
पहिचान्यौ साँवरौ
पहिचान्यौ जी म्हाने म्हारौ साँवरौ।
आयौ छुप छुप पिया,नैन मूद्यौे म्हारौ।
पूछै कौन कहौ,कही पिया प्यारौ।
झट दौडि गयै,प्यारे दूरि भारौ।
हौ बाँवरी ढूंढती,प्राण गयौ कहाँरौ।
नैन बहवन लगै,हिय अगन जारौ।
प्यारी ढूंढती टेरती,पिय किरपा धारौ।
जानत हौ पिय,तुव ही आयरौ।
काहै छिपवै हौ,दूरि नजर धारौ।
कहै जानत है,प्यारी सबही बातारौ।
पहिचान्या मौहै ,सुनिहि आवारौ।
बेगि अइयौ पिय,प्यारी है बुलावरौ।
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