ललिता जु पद
किसी समय श्रीजु ने श्री ललिता जु को यह वृत्तांत कहा,जिसे ललिता जु ने जगावनी में पद रुप गाया......
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देखि अद्भुत सखी उन नैननि टोना।
इकलि जानि ह्यौ मारग रोक लई,रोक लई छब एक श्याम सलौना।
नैननि गढै मोरै अवनि गाढ़ जई,तऊ पकरि चिबुक मम मुख उन ठौना।
हाय उन अधरनि कहूं कहा कैसौ,लगै रस भरै जैसै कोऊ दोऊ दौना।
बरबस खिची मोय नैन नैन ओरि,अरु भया वोई जोई नाय चहू होना।
नैन ठगौरि ठग लिन्ही गौरि,तबहुं तै सखी कहु लागै ना मन मौरा।
मिलादै सखी अब हु तो प्राणन सौ,"प्यारी" ना जावै जनम ओरि कौरा।
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