जाने कौन देस बसे प्रीतम
जानै कौन देस बसै प्रीतम।
जहां नाय वाणी मौरा नैन पानी,जावै भाव नाय कोउ एकम।
अंतर पीरा ना गहन अंधेरो ह्यौ,श्रवणा सुनै नाय मेरौ रोदन।
अरजी बिनती-हु सुनै नाय जितहु,जित्तहु मिलै नाय पतिया लै-जावन।
दीजौ बता "प्यारी" छाडी च्यौ इकली,लैके संग च्यौ गयौ नाय साजन।
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