जीवतो न बनै
जीवतौ बने न
पिय बिनु जीवतौ बने न मरतौ।
कैसो कैसो सुपन सजौये,पिय बिनु असुवन धोये।
लगि हिय जानिहै सोई,जाके हिय प्रीती दरदा होई।
आवत दीखे न कदही मुरारी,कर गयो मोहै जग सौ बेचारी।
सूनो हिय को अंगना सूनो,बिनु भाव रस जगहि सूनो।
लगाय हिय प्यारी शीतल करियो,पग प्रीत को हिय धरियो।
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