लड़ैती मैया
लडैती मैय्या
देखत लाल लडैती मैय्या।
गोद बैठाय दधि मथति,नैन बचाय चुराय कन्हैय्या।
बात बनावतौ लौना सौ मिठौ,कर डूबाय दधि हंडिया।
अरी मैय्या देखि लऊ नेक,माखन कैसौ भलैहौ बनया।
जानत हौ भली बतिया तौरी,तू दधि माखन को बड्यौ खवेय्या।
साँची कहू नाय नेक झूठी हौ,माई काज तैरो बैगि करेय्या।
तू काढै मै चखतौ रहवू,माखन ठीक सौ बन्यौ बतैय्या।
तैरी सौ मैय्या मौरी भोरी,तैरे हित ही सबै काज करैय्या।
जा रे जा दारी के तेरी,झूठै ही सौ मातु खावत रहैय्या।
नैन अंध मौ सम अधमि कौ,दैवन वारौ जैई लाल लडैय्या।
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