करुणा
करूणा
करूणा निरखी अपार।
बहुत जनम गवायौ ऐसौई,अजहु भयौ बलिहार।
अज लौ रौबतौ पिय नाय आवै,अज रौयो करूणा निहार।
जे जनम गमायौ देत उलाहनौ,दैख्यौ करूणा कौ नाही तुम्हार।
करूणामयी तैरौ करूणा अपारा,भारी अधमाई करूणा तुम्हार।
पहिले पहल प्रीत भरोसा गमाई,जानी मौल प्रीत कौ आज।
बड्यै दिनन भये देखीहौ न किरपा,प्यारी करै किरपा गरीब निवाज।
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