निरमोही रमणवा रे

निरमोही रमणवा रे।
कैसो बिसरावू तौहे तौ भाँति,हारी तौपे मनवा रे।
अबेर भई तऊ धीर धरेहौ,कैसो तू सजनवा रे।
जानू नाही पाई या खोई,कैसी जे लगनवा रे।
औझल भए नैनन सौ जबतै,बैरी भए नैननवा रे।
"प्यारी" अरज सुनि लैके चलिहौ,निज राखौ सदनवा रे।

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