पिय पिवन अधर प्यारी

पिय पिवन अधर प्यारी लटकै।
परी प्यारी पिय अंकनि पौढ़ी,पिया बैठे तरू से सट-कै।
पिय बेसर लटकी पौढ़ी नथपै,गए नैनन नैन में अटकै।
प्यारी श्वास पिय स्वेदा उभरै,प्यारी मुख पिय स्वेदा टपकै।
अधर परै सु-रस पिय पियै,प्याई प्यारी भरी भरी मटकै।
योई रस पीवै पिलावे परस्पर,"प्यारी" च्है रस येई हट-हटकै।

Comments

Popular posts from this blog

हरि आए संग

कहा प्राणन

तुव बिन पिया