ह्यौ तौ गिन्यौ
ह्यौ तौ गिन्यौ नाही जावू जिवतौ ना मरी।
जब सौ लगाए नैनन उन तै,मौ कू दैख्यै सब ऐसौ जैसो पाप करी।
उन कौ बैरागन जब तै हौई,खैचे सब निज ओरि मौरी मन की लरी।
तनकी मनकी सुधि दई खौई,टूटी डाल पात भाँति सूखी मै परी।
"प्यारी" दशा बिन पिय यौ हौई,लौग जरै मरै पाछै ह्यौ तौ जिवतौ जरी।
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