फुलनि भार फूल पे भारी

फूलनि भार फूल पै भारी।
फूलन फूल दोऊ अलबेले,कुँवर किशोर किशोरी,भाति बरण भाति रसीलै,दोउन की गति न्यारी।
फूलन फूल कौन करै सज्जा,बात बिचित्र बिचारी,यौ मानौ जैसौकि कोउ,नभ भानु कू दीप दिखारी।
भूषण बसन हित पहिरन,माधुरी मधुर छुपाई,तनिक बिचार बिचारै या हित,निजता निज लयी सम्हारी।
मधु मुस्कन नैननि सैनन,इनतेई दशा बिगारी,"प्यारी" कहा होय ओरही दैखे,हमसौ तौ जावैही मारी।

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