ढुरै जम्हात लाल लली ओर।
ढुरै जम्हात लाल लली ओर।
रंग भरै रैन ना सोये नेकहु,तऊ जागे जगावै सखी भौर।
नैन खुले नाही मद भरे ऐसे,देखे झाँकत नैनन की कौर।
जम्हाई लेन हित जानि के ढुरिहै,हसै लैवे अंगराई जानि तोर।
"प्यारी" तरस रस दरस है किन्हे,चाहे देखन रंगीलै योई होर।
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