थारे होते नाथ

थारे होते नाथ च्यौ होई अनाथ।
सबहु तुम तुमहु तऊ नाही,अद्भुद भई कैसी पिय बात।
अंसुवन तुम नैनन अरू नाही,कैसो रह्यौ पिय तुम ह्यौ साथ।
का-सौ कहू का-का ह्यौ कहू,दीजौ जु "प्यारी" तुमहु हाथ।

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