भय पद

भय पद
तज जईयौ न प्रीतम मोय।
जग मोय खेचत ओर आपनी,करे तौ सौ बिछौडे होय।
नैन न धरिहौ मम हिय अधमी,नेक धरियौ किरपा तोय।
बिनु आप रहि सकू न पलहु,कदै ऐसौ किरपा होय।
आप रटत आप ह्यै जावू,मौ मा बच्यो न नीको मोय।
हे गिरधर नाय कर छाडियौ,प्यारी प्राणन सूख्यौ जाय।

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