जावन रोको नाय

जावन रोको नाय
जावन रौको नाय।
बडभागी तन गेरूआ रंगावे,मनहु रंगावा जी।
जग छाडी झूठ्यौ धंधौ,पिया मा लगावा जी।
मोह ममता अजहु तजिहै,प्रीती संग जुडावा जी।
बडभागी सोई सबहि तजिहै,जग बिसरावा जी।
प्राणन प्यारी चरण गहिहै,दूजौ ठौर ना जावा जी।
ऐसौ कदै प्यारी करिहौ,चोला गेरूआ रंगावा जी।

Comments

Popular posts from this blog

हरि आए संग

कहा प्राणन

तुव बिन पिया