धीर धरे कैसो
धीर धरै कैसो
धीर धरै कैसौ मनवा।
सूनौ सूनौ जगहि सगरा,सूनौ हिय कौ अंगना।
पिय बिनु दरस बिछोह भारी,रैन सोय सोय जगना।
देरी करो नाय अबहि आवौ,बढिहि प्रीत कौ दरदा।
नाथ हा! नाथ दीनानाथ,काय करो हमसौ परदा।
हे गिरधारी सुनि लेओ अरजा,अान मिलो मोय अबहि।
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