कौन भाँति पिय
कौन भाँति पिय प्यारौ मिलै।
तजि जग मिलिहै जग च्यौ रहवू,जग तजिकै संग पियहु चलै।
जई मरिकै मिलिहै तजि प्राण जावू,जनम ऐसौ तेतौ मरण भलै।
मिलन हौवे जई जल दृग बहाकै,बनि जमुना खारै जल कौ बहै।
कहि देवौ "प्यारी" कौन भाँति मिलिहै,उसही ओरि मौहे लइकै चलै।
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