कर लेयो
कर लेओ
मोहना!कर लेओ बनमाल।
निगोडी उर ही लगी,चूमत पगा रसाल।
कछुहि कर मा फसी,कंठ लिपटी तौरै।
अलि ही अलि लुभावती,हिय जानत सबै बौरै।
सुवास तैरौ ही पावती,सुवासित करत तौहै।
जबहि पग रंगिली गहै,चूमती पगा ओहै।
कबहु लटक बनमाल बनू,कबहु हिय लगू।
प्यारी बिनती अलि श्याम सौ,हौहि बनै बनमाल रहू।
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