झूला झूले

झूला झूलै भाँति द्वौ सहेली।
सावन तीज आनंदनि भारी,सजौ कुंज सखी सौ अलबेली।
बैठे राधिका संग गिरधारी,बनै आज नार सी नवेली।
दैखे झुक घूंघट के सारी,दैखे चितवनि टेढी सौ रसीली।
गावै बजावै जोरि झुलावै,"प्यारी" हरषावै ताल दै हथेली।

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