बसै हिय ऐसौ रंगिलौ लाल।

बसै हिय ऐसौ रंगिलौ लाल।
काछनी कटि लटकि लर मोतिन,पाग टेढी सिर भई रसाल।
लकुटि टेढी कर लई मुरलिया,दु नैना मछरी कछु मृणाल।
बेसर नथ लटकि माधुरी छब,गहै दुई चित्र कपोलन कमाल।
कोटि नयन पाय अघै नाय प्यारी,जौरी मैरौ राधावल्लभ लाल।

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