पतियाँ

पतियाँ

लै जा सखी पतियाँ।
कहियौ न कछु देख हसि दीजौ,नैनन जल आवै तुरत रोक रखिहौ।
काढियो न श्वास नेक ही मुखै,पूछै जौ कुशल नैन चरणा लगहिहौ।
बात कहै कोऊ चुप ठाडी रहियौ,दशा भली बुरी वा सौ न बतहिहौ।
प्यारी जित च्ह्यौ तित रखिहौ लाडली,करिहौ कृपा नेक हिय सौ न जहिहौ।

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