चलत घुटरनी
चलत घुटरूनि
चलत घुटरूनी लाल अंगना।
धूलि धूसरित हौहै कर घुटरूनी गात।
एकौ ओर मैय्या बुलावै ऐको ओर तात।
छोटो सो लाल पग घिसर चलिहै।
कबहु इत्त कबहु उत्त डोलिहै।
गल सौ झालर हार छूवत भूमि।
कबहु माई कबहु बाबा ओर घूमि।
जावत कित्त उरझत लाला।
रौबत हौहि सोई हल निकाला।
झट दोरी मैय्या गोद लेयी।
प्यारी लाल दरस ऐसो पेयी।
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