सौंह हो तिहारी
सौह ह्यौ तिहारी ,अजहु तै प्यारी ,तौ सौ बोले नाही खोले उर बैन।
जग कछु कहवै , सुनि सब लैवे , थारै आगै नाही म्हारे बहे नैन।
तौहे ना सतावू ,खोटि ना सुनावू ,रूठा करू नाही झूठा धरू चैन।
जित कहो रहवू ,जिस कहो हौवू ,पूछू कदि नाही कछु करि सैन।
मौन साध रहू ,निहोरा करतहु ,"प्यारी" काटै जग सारी पीर रैन।
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