गई हारी मै तो सौ हारी।

गई हारी मै तो सौ हारी।
बहोत भई खेलन लुक छुप कौ,लौ भई जीत रमण जु तिहारी।
बात नवी नाय हार हमारी की,ह्यौ तौ जन्मनि सब परी हारी।
नैनन तारे मोरे नैन अब आवौ,ना मोहै कर जाओ जग मे बेचारी।
बिनती सुनी प्यारै नाही ठुकरावौ,दीजौ दरशन निज सखी "प्यारी"।

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