नूपुर बाजत

नुपुर बाजत

रूनन झुनन नुपुर बाजत।
दोऊ रसिले रंग रसिया,तत् थई सुनि नाचत।
मृदुल वीणा बजावत सखिया,कोऊ अलाप लई गावत।
बिगरत सुर सुनि श्यामा,कौर अंगुरी सो समुझावत।
कबहु ऐसो भाग जगिहै,प्यारी दरस कबहु पावत।

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